Spiritual

Sri Saraswati Stotram – Ya Kundendu Tushara

Sri Saraswati Stotram श्री सरस्वती स्तोत्रम् या कुंदेंदु तुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृताया वीणावरदंडमंडितकरा या श्वेतपद्मासना ।या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैस्सदा पूजितासा मां पातु सरस्वती भगवती निश्शेषजाड्यापहा ॥ 1 ॥ दोर्भिर्युक्ता चतुर्भिः स्फटिकमणिनिभै रक्षमालांदधानाहस्तेनैकेन पद्मं सितमपिच शुकं पुस्तकं चापरेण ।भासा कुंदेंदुशंखस्फटिकमणिनिभा भासमानाzसमानासा मे वाग्देवतेयं निवसतु वदने सर्वदा सुप्रसन्ना ॥ 2 ॥ सुरासुरैस्सेवितपादपंकजा करे विराजत्कमनीयपुस्तका ।विरिंचिपत्नी कमलासनस्थिता सरस्वती नृत्यतु वाचि […]

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Sri Raja Rajeswari Ashtakam – श्री राजराजेश्वर्यष्टकम्

Sri Raja Rajeswari Ashtakam श्री राज राजेश्वरी अष्टकम् अंबा शांभवि चंद्रमौलिरबलाऽपर्णा उमा पार्वतीकाली हैमवती शिवा त्रिनयनी कात्यायनी भैरवीसावित्री नवयौवना शुभकरी साम्राज्यलक्ष्मीप्रदाचिद्रूपी परदेवता भगवती श्रीराजराजेश्वरी ॥ 1 ॥ अंबा मोहिनि देवता त्रिभुवनी आनंदसंदायिनीवाणी पल्लवपाणि वेणुमुरलीगानप्रिया लोलिनीकल्याणी उडुराजबिंबवदना धूम्राक्षसंहारिणीचिद्रूपी परदेवता भगवती श्रीराजराजेश्वरी ॥ 2 ॥ अंबा नूपुररत्नकंकणधरी केयूरहारावलीजातीचंपकवैजयंतिलहरी ग्रैवेयकैराजितावीणावेणुविनोदमंडितकरा वीरासनेसंस्थिताचिद्रूपी परदेवता भगवती श्रीराजराजेश्वरी ॥ 3 ॥ अंबा

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Kalabhairavashtakam – श्री काल भैरव अष्टकम्

Shri Kalabhairavashtakam देवराज सेव्यमान पावनांघ्रि पंकजंव्यालयज्ञ सूत्रमिंदु शेखरं कृपाकरम् ।नारदादि योगिबृंद वंदितं दिगंबरंकाशिकापुराधिनाथ कालभैरवं भजे ॥ 1 ॥ भानुकोटि भास्वरं भवब्धितारकं परंनीलकंठ मीप्सितार्ध दायकं त्रिलोचनम् ।कालकाल मंबुजाक्ष मस्तशून्य मक्षरंकाशिकापुराधिनाथ कालभैरवं भजे ॥ 2 ॥ Kalabhairavashtakam शूलटंक पाशदंड पाणिमादि कारणंश्यामकाय मादिदेव मक्षरं निरामयम् ।भीमविक्रमं प्रभुं विचित्र तांडव प्रियंकाशिकापुराधिनाथ कालभैरवं भजे ॥ 3 ॥ भुक्ति मुक्ति दायकं

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Daridraya Dahana Stotram – दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्रम्

दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्रम् – Daridraya Dahana Stotram विश्वेश्वराय नरकार्णव तारणायकर्णामृताय शशिशेखर धारणाय ।कर्पूरकांति धवलाय जटाधरायदारिद्र्यदुःख दहनाय नमश्शिवाय ॥ 1 ॥ गौरीप्रियाय रजनीश कलाधरायकालांतकाय भुजगाधिप कंकणाय ।गंगाधराय गजराज विमर्धनायदारिद्र्यदुःख दहनाय नमश्शिवाय ॥ 2 ॥ भक्तप्रियाय भवरोग भयापहायउग्राय दुःख भवसागर तारणाय ।ज्योतिर्मयाय गुणनाम सुनृत्यकायदारिद्र्यदुःख दहनाय नमश्शिवाय ॥ 3 ॥ चर्मांबराय शवभस्म विलेपनायफालेक्षणाय मणिकुंडल मंडिताय ।मंजीरपादयुगलाय जटाधरायदारिद्र्यदुःख

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Sri Ram Raksha Stotra – श्री राम रक्षा स्तोत्रम्‌

Sri Ram Raksha Stotra श्री राम रक्षा स्तोत्र श्रीबुधकौशिकमुनि द्वारा विरचित के शरणागत होने से व्यक्ति के सभी प्रकार के विपदाओं का नाश होता है …. Sri Ram Raksha Stotra श्री राम रक्षा स्तोत्रम् ॐ अस्य श्री रामरक्षा स्तोत्रमंत्रस्य बुधकौशिक ऋषिः श्री सीताराम चंद्रोदेवता अनुष्टुप् छंदः सीता शक्तिः श्रीमद् हनुमान् कीलकम्श्री रामचंद्र प्रीत्यर्थे रामरक्षा स्तोत्रजपे

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Sri Saraswati Ashtottara Shatanamavali Stotram

Sri Saraswati Ashtottara Shatanamavali Stotram ॐ श्री सरस्वत्यै नमः ॥ 1 ॥ ॐ महाभद्रायै नमः ॥ 2 ॥ ॐ महामायायै नमः ॥ 3 ॥ ॐ वरप्रदायै नमः ॥ 4 ॥ ॐ श्रीप्रदायै नमः ॥ 5 ॥ ॐ पद्मनिलयायै नमः ॥ 6 ॥ ॐ पद्माक्ष्यै नमः ॥ 7 ॥ ॐ पद्मवक्त्रिकायै नमः ॥ 8 ॥ ॐ

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Saraswati Ashtottara Shatanama Stotram – श्री सरस्वत्यष्टोत्तरशतनामस्तोत्रं

Saraswati Ashtottara Shatanama Stotram श्री सरस्वत्यष्टोत्तरशतनामस्तोत्रं स सरस्वती महाभद्रा महामाया वरप्रदा ।श्रीप्रदा पद्मनिलया पद्माक्षी पद्मवक्त्रिका ॥ 1 ॥ शिवानुजा पुस्तकहस्ता ज्ञानमुद्रा रमा च वै ।कामरूपा महाविद्या महापातकनाशिनी ॥ 2 ॥ महाश्रया मालिनी च महाभोगा महाभुजा ।महाभागा महोत्साहा दिव्यांगा सुरवंदिता ॥ 3 ॥ महाकाली महापाशा महाकारा महांकुशा ।सीता च विमला विश्वा विद्युन्माला च वैष्णवी ॥ 4

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Shiv Mahimna Stotram – श्री शिव महिम्ना स्तोत्रम्

Shiv Mahimna Stotram – श्री शिव महिम्ना स्तोत्र की रचना, भगवान शिव के बड़े पार्षद पुष्पदंत ने की , जो भगवान शिव के लिए पुष्पों का प्रबंध करते थे। रात्रि में वे सुंदर और सुगंधित पुष्पों को राजा की पुष्प वाटिका से चुरा कर भगवान शिव के मंदिर ले जाते थे। राजा ने अदृश्य चोर

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Shiva Sahasranam Stotram – श्री शिव सहस्रनाम स्तोत्रम्

Shiva Sahasranam Stotram श्री शिव सहस्रनाम स्तोत्रम् ॐ स्थिरः स्थाणुः प्रभुर्भानुः प्रवरो वरदो वरः ।सर्वात्मा सर्वविख्यातः सर्वः सर्वकरो भवः ॥ 1 ॥ जटी चर्मी शिखंडी च सर्वांगः सर्वांगः सर्वभावनः ।हरिश्च हरिणाक्शश्च सर्वभूतहरः प्रभुः ॥ 2 ॥ प्रवृत्तिश्च निवृत्तिश्च नियतः शाश्वतो ध्रुवः ।श्मशानचारी भगवानः खचरो गोचरोऽर्दनः ॥ 3 ॥ अभिवाद्यो महाकर्मा तपस्वी भूत भावनः ।उन्मत्तवेषप्रच्छन्नः सर्वलोकप्रजापतिः

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Shree Vishnu Sahasranam Stotram – श्री विष्णु सहस्रनाम स्तोत्रं

Shree Vishnu Sahasranam Stotram ॐ शुक्लांबरधरं विष्णुं शशिवर्णं चतुर्भुजम् ।प्रसन्नवदनं ध्यायेत् सर्वविघ्नोपशांतये ॥ 1 ॥ यस्यद्विरदवक्त्राद्याः पारिषद्याः परः शतम् ।विघ्नं निघ्नंति सततं विष्वक्सेनं तमाश्रये ॥ 2 ॥ पूर्व पीठिका Shree Vishnu Sahasranam Stotramव्यासं वसिष्ठ नप्तारं शक्तेः पौत्रमकल्मषम् ।पराशरात्मजं वंदे शुकतातं तपोनिधिम् ॥ 3 ॥ व्यासाय विष्णु रूपाय व्यासरूपाय विष्णवे ।नमो वै ब्रह्मनिधये वासिष्ठाय नमो नमः

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Shri Mahalakshmi Ashtakam – श्री महा लक्ष्म्यष्टकम्

श्री महा लक्ष्म्यष्टकम् – Shri Mahalakshmi Ashtakam – इंद्र उवाच – नमस्तेऽस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते ।शंखचक्र गदाहस्ते महालक्ष्मि नमोऽस्तु ते ॥ 1 ॥ नमस्ते गरुडारूढे कोलासुर भयंकरि ।सर्वपापहरे देवि महालक्ष्मि नमोऽस्तु ते ॥ 2 ॥ सर्वज्ञे सर्ववरदे सर्व दुष्ट भयंकरि ।सर्वदुःख हरे देवि महालक्ष्मि नमोऽस्तु ते ॥ 3 ॥ सिद्धि बुद्धि प्रदे देवि भुक्ति मुक्ति

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Shri Lalita Sahasranama Stotram – श्री ललिता सहस्र नाम स्तोत्रम्

। श्री ललिता सहस्र नाम स्तोत्रम् – Shri Lalita Sahasranama Stotram । ॐ अस्य श्री ललिता दिव्य सहस्रनाम स्तोत्र महामंत्रस्य, वशिन्यादि वाग्देवता ऋषयः, अनुष्टुप् छंदः, श्री ललिता पराभट्टारिका महा त्रिपुर सुंदरी देवता, ऐं बीजं, क्लीं शक्तिः, सौः कीलकं, मम धर्मार्थ काम मोक्ष चतुर्विध फलपुरुषार्थ सिद्ध्यर्थे ललिता त्रिपुरसुंदरी पराभट्टारिका सहस्र नाम जपे विनियोगः करन्यासःऐं अंगुष्टाभ्यां नमः,

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