Yatra Muhurt – यात्रा मुहूर्त

जब आप किसी खास प्रयोजन हेतु यात्रा करने जा रहे हैं, तो उससे पूर्व yatra muhurt को ध्यान में रखते हुए यात्रा करें, ताकि आपकी यात्रा सुखद व सुफल हो | Yatra Muhurt – यात्रा मुहूर्त यात्रा से पूर्व दिशाशूल, नक्षत्र, चंद्रमा, तारा, शुभ नक्षत्र, योगिनी भद्रा, श्रेष्ठ, चौघड़िया आदि विचारणीय हैं । yatra muhurt […]

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Gayatri Mantra | विभिन्न देवी – देवताओं के गायत्री मंत्र

ऋग्वेद में Gayatri Mantra को ॐ के समतुल्य बताया गया है हमारे सनातन धर्म में सभी देवी देवताओं के लिए विशेष मंत्र बताएं गए है , जिससे इनकी अराधना भी जाती है । किंतु इन मंत्रों के साथ साथ प्रत्येक देवी देवताओं के लिए Gayatri Mantra भी बताएं गए है , जिससे इसकी महत्ता और

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Sri Dakshinakali kavach – श्री दक्षिणकाली कवच

माँ श्री दक्षिणकाली का रूप भक्तों के लिए अत्यंत शुभ होती है और Sri Dakshinakali kavach का पाठ करने से इन्हें भक्ति से आसानी से माँ को प्रसन्न और सांनिध्य प्राप्त किया जा सकता है । Sri Dakshinakali kavach  उत्तरा तंत्र से लिया गया यह Sri Dakshinakali kavach है, जिसक ऋषि भैरव देवता दक्षिणा काली

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Sadhana ke Neyam – साधना में नियम

Sadhana ke Neya     Sadhana ke Neyam, साधना में नियम का बहुत महत्व होता है । साधाना में नियम Sadhana ke Neyam का पालन कर ही साधना की पूर्ण फल की प्राप्ति की कामना पूरी हो सकती है। नियम के बिना साधना की ही नहीं जा सकती हैं अर्थात् साधना पूर्ण नहीं होती है।

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Shri Ganpati Atharvashirsha – गणपत्यथर्वशीर्​षोपनिषत्

Shri Ganpati Atharvashirsha का नित्य पाठ करें से समस्त सुखों को प्राप्त किया जा सकता है। इस पाठ का प्रारंभ सप्ताह के बुधवार से प्रारंभ करता चाहिए । श्री गणपत्यथर्वशीर्​षोपनिषत् गणपत का अत्यंत प्रिय है। किसी कार्य में यदि सफलता प्राप्त करनी हो तो वह एक प्रयोग करें वह 3 महीने लगातार इस स्त्रोत का

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Madhurashtakam – श्रीमद्वल्लभाचार्यविरचितं मधुराष्टकं

मधुराष्टकम्-Madhurashtakam अधरं मधुरं वदनं मधुरंनयनं मधुरं हसितं मधुरम् ।हृदयं मधुरं गमनं मधुरंमधुराधिपतेरखिलं मधुरम् ॥ 1 ॥ वचनं मधुरं चरितं मधुरंवसनं मधुरं वलितं मधुरम् ।चलितं मधुरं भ्रमितं मधुरंमधुराधिपतेरखिलं मधुरम् ॥ 2 ॥ Read more : Shri Vishnu Aarti Lyrics – श्री विष्णु आरती वेणु-र्मधुरो रेणु-र्मधुरःपाणि-र्मधुरः पादौ मधुरौ ।नृत्यं मधुरं सख्यं मधुरंमधुराधिपतेरखिलं मधुरम् ॥ 3 ॥ गीतं

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Sri Saraswati Stotram – Ya Kundendu Tushara

Sri Saraswati Stotram श्री सरस्वती स्तोत्रम् या कुंदेंदु तुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृताया वीणावरदंडमंडितकरा या श्वेतपद्मासना ।या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैस्सदा पूजितासा मां पातु सरस्वती भगवती निश्शेषजाड्यापहा ॥ 1 ॥ दोर्भिर्युक्ता चतुर्भिः स्फटिकमणिनिभै रक्षमालांदधानाहस्तेनैकेन पद्मं सितमपिच शुकं पुस्तकं चापरेण ।भासा कुंदेंदुशंखस्फटिकमणिनिभा भासमानाzसमानासा मे वाग्देवतेयं निवसतु वदने सर्वदा सुप्रसन्ना ॥ 2 ॥ सुरासुरैस्सेवितपादपंकजा करे विराजत्कमनीयपुस्तका ।विरिंचिपत्नी कमलासनस्थिता सरस्वती नृत्यतु वाचि

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Sri Raja Rajeswari Ashtakam – श्री राजराजेश्वर्यष्टकम्

Sri Raja Rajeswari Ashtakam श्री राज राजेश्वरी अष्टकम् अंबा शांभवि चंद्रमौलिरबलाऽपर्णा उमा पार्वतीकाली हैमवती शिवा त्रिनयनी कात्यायनी भैरवीसावित्री नवयौवना शुभकरी साम्राज्यलक्ष्मीप्रदाचिद्रूपी परदेवता भगवती श्रीराजराजेश्वरी ॥ 1 ॥ अंबा मोहिनि देवता त्रिभुवनी आनंदसंदायिनीवाणी पल्लवपाणि वेणुमुरलीगानप्रिया लोलिनीकल्याणी उडुराजबिंबवदना धूम्राक्षसंहारिणीचिद्रूपी परदेवता भगवती श्रीराजराजेश्वरी ॥ 2 ॥ अंबा नूपुररत्नकंकणधरी केयूरहारावलीजातीचंपकवैजयंतिलहरी ग्रैवेयकैराजितावीणावेणुविनोदमंडितकरा वीरासनेसंस्थिताचिद्रूपी परदेवता भगवती श्रीराजराजेश्वरी ॥ 3 ॥ अंबा

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Kalabhairavashtakam – श्री काल भैरव अष्टकम्

Shri Kalabhairavashtakam देवराज सेव्यमान पावनांघ्रि पंकजंव्यालयज्ञ सूत्रमिंदु शेखरं कृपाकरम् ।नारदादि योगिबृंद वंदितं दिगंबरंकाशिकापुराधिनाथ कालभैरवं भजे ॥ 1 ॥ भानुकोटि भास्वरं भवब्धितारकं परंनीलकंठ मीप्सितार्ध दायकं त्रिलोचनम् ।कालकाल मंबुजाक्ष मस्तशून्य मक्षरंकाशिकापुराधिनाथ कालभैरवं भजे ॥ 2 ॥ Kalabhairavashtakam शूलटंक पाशदंड पाणिमादि कारणंश्यामकाय मादिदेव मक्षरं निरामयम् ।भीमविक्रमं प्रभुं विचित्र तांडव प्रियंकाशिकापुराधिनाथ कालभैरवं भजे ॥ 3 ॥ भुक्ति मुक्ति दायकं

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Daridraya Dahana Stotram – दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्रम्

दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्रम् – Daridraya Dahana Stotram विश्वेश्वराय नरकार्णव तारणायकर्णामृताय शशिशेखर धारणाय ।कर्पूरकांति धवलाय जटाधरायदारिद्र्यदुःख दहनाय नमश्शिवाय ॥ 1 ॥ गौरीप्रियाय रजनीश कलाधरायकालांतकाय भुजगाधिप कंकणाय ।गंगाधराय गजराज विमर्धनायदारिद्र्यदुःख दहनाय नमश्शिवाय ॥ 2 ॥ भक्तप्रियाय भवरोग भयापहायउग्राय दुःख भवसागर तारणाय ।ज्योतिर्मयाय गुणनाम सुनृत्यकायदारिद्र्यदुःख दहनाय नमश्शिवाय ॥ 3 ॥ चर्मांबराय शवभस्म विलेपनायफालेक्षणाय मणिकुंडल मंडिताय ।मंजीरपादयुगलाय जटाधरायदारिद्र्यदुःख

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Sri Ram Raksha Stotra – श्री राम रक्षा स्तोत्रम्‌

Sri Ram Raksha Stotra श्री राम रक्षा स्तोत्र श्रीबुधकौशिकमुनि द्वारा विरचित के शरणागत होने से व्यक्ति के सभी प्रकार के विपदाओं का नाश होता है …. Sri Ram Raksha Stotra श्री राम रक्षा स्तोत्रम् ॐ अस्य श्री रामरक्षा स्तोत्रमंत्रस्य बुधकौशिक ऋषिः श्री सीताराम चंद्रोदेवता अनुष्टुप् छंदः सीता शक्तिः श्रीमद् हनुमान् कीलकम्श्री रामचंद्र प्रीत्यर्थे रामरक्षा स्तोत्रजपे

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Sri Saraswati Ashtottara Shatanamavali Stotram

Sri Saraswati Ashtottara Shatanamavali Stotram ॐ श्री सरस्वत्यै नमः ॥ 1 ॥ ॐ महाभद्रायै नमः ॥ 2 ॥ ॐ महामायायै नमः ॥ 3 ॥ ॐ वरप्रदायै नमः ॥ 4 ॥ ॐ श्रीप्रदायै नमः ॥ 5 ॥ ॐ पद्मनिलयायै नमः ॥ 6 ॥ ॐ पद्माक्ष्यै नमः ॥ 7 ॥ ॐ पद्मवक्त्रिकायै नमः ॥ 8 ॥ ॐ

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